आखिर क्यों लगे 7 साल और 100 करोड़ रूपये 1 लाख चूहों को मारने में

भारत में कई जगह चूहों को भगवान गणेश के वाहक के रूप में पूजा जाता है. हालांकि ये भी सच है कि चूहों की वजह से हर साल हजारों क्‍व‍िंटल अनाज, फल आद‍ि खराब हो जाते हैं और करोड़ों रुपये का नुकसान होता है. वहीं ब्रिटेन में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया, जिसमें चूहों के आतंक की वजह से एक द्वीप की जैव विविधता पर खतरनाक असर पड़ रहा था

ब्रिटिश द्वीप  साउथ जॉर्जिया आइलैंड में चूहों के कारण सी बर्ड्स 10 करोड़ से घटकर 10 लाख रह गई थीं.

साउथ जॉर्जिया आइलैंड दुर्लभ फर सील, एलिफेंट सील्स, साउथ जॉर्जिया पिपिट, पेंटेल जैसे सी बर्ड्स का एकमात्र नेचुरल हेबीटेट है. दुनिया की कुल सी बर्ड्स का 81% है. यहां दुनिया की 98% फर सील्स हैं

ब्रिटिश ओवरसीज के अटलांटिक सागर का यह द्वीप 200 साल में पहली बार चूहों से मुक्त हुआ है. साउथ जॉर्जिया हेरिटेज ट्रस्ट (एसजीएचटी) के अनुसार यह द्वीप 1775 में कैप्‍टन कूक द्वारा खोजा गया था

इसके बाद यहां सैलानियों के जहाजों के साथ चूहे भी पहुंचने लगे. उनकी संख्या इतनी बढ़ गई कि वे इन दुर्लभ जीवों के बच्चों, अंडों को अपना खाना बनाने लगे.

इससे पेंग्विन की संख्या पर खतरा मंडराने लगा. एक अनुमान के अनुसार इस द्वीप पर लगभग 1 लाख चूहे थे.

चूहों के आतंक की वजह से जैव विविधता पर संकट मंडरा रहा था. इसे बचाने के लिए और चूहों को‍ मिटाने के लिए  2011 में बड़ा अभियान शुरू हुआ.

इस अभ‍ियान में हेलिकॉप्‍टर तक का इस्‍तेमाल हुआ. हेलिकॉप्‍टर की मदद से 269,000 एकड़ इलाके में 300 टन से ज्‍यादा चूहों को मारने के लिए जहरीले चारा डाला गया.

सात साल बाद यह अभ‍ियान अप्रैल में चूहों के सफाए के साथ खत्म हो गया. इस पर लगभग 100 करोड़ रुपए(10 मिलियन पाउंड-92 करोड़ रुपए) खर्च हुए. इसके बाद पक्ष‍ियों की संख्‍या बढ़ने में भी तेजी आई है.

पिछले छह महीने से चूहों को खोजने के लिए स्निफर डॉग लगाए गए थे, जो सूंघकर टीम को चूहों तक पहुंचाते थे. जब इन स्‍पेशल कुत्‍तों को चूहे मिलना बंद हो गए तब आईलैंड को चूहा मुक्त माना गया.

इससे पहले सबसे बड़ा अभियान एक्‍वाडोर के गैलापागोस आइलैंड में 2012 में चलाया गया था. तब जैवविविधता बचाने के लिए 18 करोड़ चूहों को 22 टन जहरीला चारा देकर मारा गया. आपको बता दें कि भारत में भी चूहों से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का हर साल नुकसान होता है और कई राज्‍यों में चूहों को मारने के लिए सरकारी अभ‍ियान चलाया जा चुका है

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